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कामां नही कामवन चाहिए, एक बार पुनः धार्मिक धरा कामवन के नाम की मांग हुई मुखर

 

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649

* कामां नही कामवन चाहिए, एक बार पुनः धार्मिक धरा कामवन के नाम की मांग हुई मुखर*

 

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कामां को कामवन बनाना है, ये सब हमने ठाना है

डीग कामां – ब्रज की पौराणिक व धार्मिक नगरी कामवन का स्वरूप लौटाने व अपभ्रंश हुई गलती को सुधारने हेतु जायन्ट्स ग्रुप ऑफ कामवन व अपनाघर सेवा समिति कामवन ने गया कुंड स्थित गदाधर मन्दिर पर एकत्रित होकर मांग उठाई।
इस अवसर पर रिटायर्ड प्रधानाचार्य मुकुट बिहारी शर्मा ने कहा कि गलतियों का सुधार होना चाहिए तथा मूल स्वरूप को लौटाने का उपक्रम करना चाहिए। इस अवसर पर अपनाघर के अध्यक्ष प्रमोद पुजारी ने कहा कि प्राचीन काल से यह नगरी ब्रज के द्वादश वनों में पंचम प्रमुख वन के रूप में जानी जाती रही है जिसका हजारों वर्षों से प्राचीन नाम कामवन है जो अंग्रेजी शासन काल में भूलवश V न लगाने के कारण हो गया था अतः अब पुनः कामवन नाम मिलना ही चाहिए।
जायन्ट्स ग्रुप के अध्यक्ष खेमराज खण्डेलवाल ने कहा कि सबको मिलकर इस दिशा में प्रयास करना चाहिए, जायन्ट्स ग्रुप पूर्व में भी विमल कुंड पर कामवन सेल्फी पॉइंट का स्थायी निर्माण करवा चुका है।

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